Channel
Updated: 2026-07-26
😊
मैं तेरे ज़िक्र में भी नहीं, और मुझे तू लफ़्ज़ लफ़्ज़ याद है..! ✍️🥀🍂
कुछ काम है अपनी मर्जी के, कुछ काम फ़क़त मजबूरी है, फिर वक़्त बहुत ही थोड़ा है और सारे काम जरूरी है..! ✍️🥀🍂
इम्तहानों में कैद है जिंदगी अब कही, मिलेगी मोहलत कभी तो हम भी जी लेंगे...! ✍️🥀🍂
बहते अश्क की ज़ुबान नहीं होती, लफ़्ज़ों में मोहब्बत बयां नहीं होती, मिले जो प्यार क़दर करना यारों, किस्मत हर किसी पर मेहरबान नहीं होती...! ✍️🥀🍂
Flags — countries where our network of observers on Telegram recorded this ad being shown in this channel. It's not the advertiser's targeting country: Telegram serves sponsored ads worldwide, and we simply note where the ad appeared in the feed. The channel's main country (by its language) is highlighted in blue; rare placements (under 5%) are collapsed into “+N”.
कुछ अधूरापन था जो पूरा हुआ नहीं, कोई था मेरा जो मेरा हुआ नहीं..! ✍️🥀🍂
रहने दो इन ज़ुल्फ़ों को अपने चेहरे पर यूँ ही, ये चांद बादलों में ज्यादा हसीन लगता है..! ✍️🥀🍂
जो उतरा दिल से फिर उतर ही गया फिर, चाहे वो फ़लक का चांद बने, मुझे क़बूल नहीं..! ✍️🥀🍂
मेरा एक ही जान है और वो भी बहुत ज्यादा शैतान है!💚 आपको आपका हमसफ़र मुबारक मझे मेरा अधूरा इश्क़।।💔💔 @gumnaam_shayaar